हमारी पंचायत, शिमला
शिमला: शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर चल रहे मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत में मामले की लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से याचिका पर जवाब दाखिल किया जा चुका है। अब अदालत मामले में अपना आदेश जारी करेगी।
इससे पहले सोमवार को भी मामले की सुनवाई हुई थी। राज्य सरकार की ओर से मामले की सुनवाई एक दिन के लिए टालने का आग्रह किया गया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था। मंगलवार को सरकार की ओर से जवाब अदालत में दाखिल किया गया, जिसके बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया।
13 जिला परिषद सदस्यों ने दायर की याचिका
शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर कुल 13 जिला परिषद सदस्यों ने हाईकोर्ट का रुख किया है। इनमें 11 भाजपा समर्थित और दो निर्दलीय सदस्य शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं में रामपुर विधानसभा क्षेत्र के झाकड़ी वार्ड से ममता और बगलाती वार्ड से रानु देवी शामिल हैं। रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के कवार वार्ड से मनजीत सिंह, खशधार वार्ड से धर्मेंद्र सिंह और भलूण वार्ड से कल्पना देवी भी याचिकाकर्ता हैं। जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के टिककर वार्ड से भरत सिंह कलांटा ने निर्दलीय सदस्य के तौर पर याचिका दायर की है।
चौपाल विधानसभा क्षेत्र के चड़ोली वार्ड से मन्नत तेगवान, चंदलोग-नेरूवा वार्ड से भोपींदर और गोरली-मड़ावग वार्ड से अतुल शर्मा याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं। ठियोग विधानसभा क्षेत्र के टियाली वार्ड से नेहा जगटा और कुमारसैन वार्ड से तारा देवी ने भी याचिका दायर की है। कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के चमियाणा वार्ड से खुश विक्रम सेन और शिमला ग्रामीण के खटनोल वार्ड से प्रभा उर्फ शिवानी भी याचिकाकर्ता हैं।
दो महीने से ज्यादा समय से खाली हैं पद
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव के परिणाम 31 मई 2026 को घोषित हुए थे। इसके बाद प्रदेश की अधिकांश पंचायती राज संस्थाओं में चुनावी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रधान, उपप्रधान और बीडीसी के चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं।
प्रदेश के 12 जिलों में से 11 जिला परिषदों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मिल चुके हैं। लेकिन राजधानी शिमला में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव का मामला अब तक अटका हुआ है।
शिमला जिला परिषद में कुल 25 सदस्य हैं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद दो महीने से ज्यादा समय से खाली हैं। अब 13 जिला परिषद सदस्यों की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी होने और आदेश सुरक्षित रखे जाने के बाद चुनाव को लेकर अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।

